महाराष्ट्र सरकार ने 22 अक्टूबर 2026 को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 की चौथी लाभार्थी सूची जारी की। इसकी घोषणा सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने की। सूची में 1,15,697 किसानों के नाम हैं। इन सभी किसानों का फसल कर्ज एक से ज़्यादा बैंकों में है और बकाया ₹2 लाख से कम है। इस कर्जमाफी में ₹2 लाख तक का फसल कर्ज माफ होता है। अपना नाम देखने के लिए अपनी बैंक शाखा, गांव की विकास संस्था (VKSS/PACS) या ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर जाएं। राज्य स्तर पर कोई आधिकारिक ऑनलाइन सूची या PDF जारी नहीं हुई है।
नीचे चारों सूचियों की तालिका और चौथी सूची की ज़िलेवार संख्या है। साथ में पात्रता की शर्तें, ₹2 लाख से ज़्यादा कर्ज वालों के लिए OTS का तरीका, शिकायत कहां करें, और PM Kisan योजना से इसका क्या संबंध है, यह सब समझाया गया है।
कर्जमाफी की चौथी सूची में क्या है
चौथी सूची उन किसानों के लिए है जिनके फसल कर्ज खाते एक से ज़्यादा बैंकों में हैं। इन खातों का मिलान करने में ज़्यादा समय लगा, इसलिए इन्हें अलग सूची में रखा गया। इससे पहले 12 अक्टूबर 2026 को तीसरी सूची आई थी जिसमें 3,51,192 किसान थे। कुछ ज़िलों की रिपोर्टों में 12 अक्टूबर वाली सूची को ही "चौथी" कहा गया है, इसलिए तारीख देखकर ही सूची पहचानें। कई ज़िलों में तीसरी सूची का पैसा अभी खातों में आ रहा है। उदाहरण के लिए, 20 अक्टूबर को नांदेड़ ने बताया कि 1,02,218 किसानों के खातों में ₹861.56 करोड़ जमा हुए।
अब तक की सभी सूचियां: एक नज़र में
| सूची | तारीख | किसानों की संख्या |
|---|---|---|
| पहली | 24 जुलाई 2026 | 16,96,201 |
| दूसरी | 11 सितंबर 2026 | 3,55,614 या 4,19,737* |
| तीसरी | 12 अक्टूबर 2026 | 3,51,192 |
| चौथी | 22 अक्टूबर 2026 | 1,15,697 (एक से ज़्यादा बैंक में खाते वाले) |
*दूसरी सूची के आंकड़े पर स्रोतों में मतभेद है। Agrowon 3,55,614 बताता है और TV9 मराठी 4,19,737। अंतिम आंकड़े के लिए सहकार विभाग की प्रेस विज्ञप्ति देखें। 3 अक्टूबर को 3.27 लाख किसानों को अलग से भुगतान भी हुआ था।
पहली तीन सूचियों में कुल 24,67,130 नाम हैं। चौथी सूची के नाम जोड़ें तो यह संख्या लगभग 25.8 लाख होती है। यह हमारा जोड़ है। सरकार ने चारों सूचियों का आधिकारिक कुल आंकड़ा अभी जारी नहीं किया है।
चौथी सूची: ज़िलेवार किसान
23 और 24 अक्टूबर 2026 को ज़िलों से आई खबरों के अनुसार संख्या इस तरह है। ये आंकड़े स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से लिए गए हैं, इनकी आधिकारिक ज़िलेवार सूची नहीं आई है।
| ज़िला / विभाग | किसान | स्रोत |
|---|---|---|
| मराठवाड़ा (कुल) | 47,547 | पुढारी |
| छत्रपति संभाजीनगर | 17,484 | पुढारी |
| जालना | 12,926 | पुढारी |
| बीड | 4,791 | पुढारी |
| नांदेड़ | 4,161 | पुढारी |
| परभणी | 2,986 | पुढारी |
| लातूर | 2,529 | पुढारी |
| धाराशिव | 1,661 | पुढारी |
| हिंगोली | 1,009 | पुढारी |
| पुणे | 16,246 | eSakal |
| अमरावती विभाग | 13,340 | eSakal |
| नंदुरबार | 423 | eSakal |
| धुळे | 231 (ज़िला सहकारी बैंक 182, अन्य बैंक 49) | पुढारी |
तीसरी सूची में विभागवार नाम इस तरह थे: छत्रपति संभाजीनगर 2,06,450, अमरावती 85,076, नागपुर 30,738, नाशिक 14,244, पुणे 11,928 और कोकण 2,756।
सूची में नाम आना और पैसा मिलना अलग-अलग बातें हैं
ज़्यादातर लोग यहीं उलझते हैं। पहली तीन सूचियों में लगभग 24.67 लाख किसानों के नाम आए, पर अब तक करीब 15.85 लाख किसानों को ₹13,275 करोड़ ही मिले हैं। इनमें सिर्फ तीसरे चरण में 3.27 लाख किसानों को ₹3,161 करोड़ दिए गए।
फर्क की वजह आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar authentication) है। सूची में नाम आने के बाद किसान को बैंक या आपले सरकार सेवा केंद्र जाकर आधार से पुष्टि करनी होती है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार AgriStack पंजीकरण भी ज़रूरी है, इसलिए अपनी शाखा से इसकी पुष्टि कर लें। यह होने के बाद ही माफी की रकम सीधे कर्ज खाते में जाती है। भंडारा ज़िले में अभी 3,698 किसानों का प्रमाणीकरण बाकी है।
कर्जमाफी के लिए कौन पात्र है
यह योजना मार्च में बजट 2026–27 में घोषित हुई। जून 2026 में कैबिनेट ने इसे मंज़ूरी दी और 15 जुलाई 2026 के GR से इसका विस्तार हुआ। इसने 2019 की महात्मा फुले कर्जमुक्ति योजना की जगह ली है। मुख्य शर्तें ये हैं:
- कर्ज का प्रकार: अल्पकालीन फसल कर्ज। पुनर्गठित (restructured) कर्ज भी शामिल हैं।
- कर्ज की अवधि: कर्ज 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया हो।
- बकाया की शर्त: कर्ज 30 सितंबर 2025 को थकित (overdue) रहा हो और 31 मार्च 2026 तक चुकाया न गया हो। अपना 31 मार्च 2026 का बकाया बैंक से पता कर लें।
- माफी की सीमा: ₹2 लाख तक। 1 अप्रैल 2026 के बाद लगा ब्याज और शुल्क भी माफ होगा।
ध्यान दें: 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने OTS का रास्ता खोलने और कटऑफ बढ़ाने की घोषणा की थी। कुछ रिपोर्टें नई कटऑफ "वित्त वर्ष 2026-27" बताती हैं, जबकि शुरुआती GR में ऊपर दी गई तारीखें हैं। अपने मामले की पक्की जानकारी के लिए बैंक शाखा से संशोधित GR दिखाने को कहें।
किसे लाभ नहीं मिलेगा
- आयकर देने वाले लोग
- सरकारी और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मचारी और पेंशनधारक
- वर्तमान या पूर्व विधायक और सांसद
- कुछ किसान जिन्हें हाल की योजनाओं में पहले ही बार-बार माफी मिल चुकी है
योजना का आकार
योजना का लक्ष्य करीब 56 लाख किसान हैं। कुल खर्च पर स्रोतों में मतभेद है: कुछ रिपोर्टें ₹36,585 करोड़ बताती हैं और कुछ ₹40,980 करोड़। 11 जून के विस्तार में लगभग 5 लाख ऐसे किसान जोड़े गए जो 2017–19 की योजनाओं में छूट गए थे, इसलिए कुछ रिपोर्टें कुल संख्या 58 लाख बताती हैं। बैंकों ने लगभग 31.17 लाख थकित खाते अपलोड किए हैं, जबकि सूचियों में अब तक करीब 25.8 लाख नाम आए हैं। इसलिए और सूचियां आ सकती हैं, पर पांचवीं सूची की घोषणा अभी नहीं हुई है।
₹2 लाख से ज़्यादा कर्ज है? OTS को समझें
जिनका बकाया ₹2 लाख से ज़्यादा है, वे भी योजना से बाहर नहीं हैं। उनके लिए एकमुश्त समझौता (One-Time Settlement, OTS) है। इसका पूरा तरीका एक्सप्लेनर साइटों पर बताया गया है। आधिकारिक GR में हमें ये विवरण नहीं मिले, इसलिए अपनी शाखा से पुष्टि ज़रूर करें:
- ₹2 लाख से ऊपर की रकम आपको खुद बैंक में जमा करनी है।
- एक्सप्लेनर साइटों के अनुसार इसकी आखिरी तारीख 31 मार्च 2027 है। सरकार ने कर्जमाफी के लिए कोई समय-सीमा घोषित नहीं की है।
- यह रकम जमा होते ही सरकार बाकी ₹2 लाख माफ कर देगी।
उदाहरण: अगर आपका बकाया ₹2,50,000 है, तो ₹50,000 बैंक में जमा करें। बचे ₹2 लाख सरकार भरेगी। राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों के खातों पर "हेयरकट" नीति भी लागू हो सकती है, जिसमें बैंक खुद कुछ रकम छोड़ देता है। इसके बारे में अपनी शाखा से पूछें।
नांदेड़ के एक मामले में सोशल मीडिया पर कहा गया कि किसान का नाम सूची में नहीं था। अधिकारियों ने बताया कि उस किसान का बकाया ₹2,08,104 था और वह OTS के तहत पात्र था। उन्होंने किसानों से न घबराने की अपील की। सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं कि आप अपात्र हैं। 21–22 अक्टूबर को नांदेड़ के एक किसान की मौत की खबर आई थी, जिन्होंने कहा था कि उनका नाम तीन सूचियों में नहीं आया। इसके बाद भाजपा किसान मोर्चा ने एक बैंक पर विरोध किया (TV9 मराठी)। अगर आप या आपके परिवार में कोई कर्ज के कारण बहुत तनाव में है, तो सरकारी मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन Tele-MANAS 14416 पर मुफ्त बात कर सकते हैं।
कर्जमाफी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें
- बैंक शाखा: जिस बैंक या सहकारी बैंक से फसल कर्ज लिया है, वहां सूची लगाई जाती है। अपना कर्ज खाता नंबर साथ ले जाएं। अगर कर्ज कई बैंकों में है, तो हर बैंक में चौथी सूची देखें।
- विकास सोसायटी (VKSS/PACS): गांव की प्राथमिक कृषि सहकारी संस्था के पास गांव की सूची होती है।
- ग्राम पंचायत: पंचायत के नोटिस बोर्ड पर भी सूची लगाई जाती है।
- ऑनलाइन: राज्य स्तर पर कोई आधिकारिक ऑनलाइन सूची या PDF नहीं है। "ऑनलाइन लिस्ट देखें" वाली वेबसाइटें निजी हैं। ahilyadevikarjmafi.maha-agri.in और karjmafi.pikmahiti.com भी निजी साइटें हैं, सरकारी नहीं। पहली साइट खुद भी यह बात लिखती है।
- आधार प्रमाणीकरण: नाम मिल जाए तो आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर बैंक या आपले सरकार सेवा केंद्र जाएं और प्रमाणीकरण पूरा करें। नज़दीकी केंद्र आपले सरकार पोर्टल पर खोज सकते हैं। इसके बिना पैसा नहीं आएगा।
सावधान: WhatsApp पर "कर्जमाफी लिस्ट डाउनलोड करें" जैसे लिंक बहुत चल रहे हैं। इनमें से कई लिंक OTP या बैंक की जानकारी मांगते हैं। सरकार कभी OTP नहीं मांगती। धोखा हो जाए तो तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
बुज़ुर्ग, मृत किसान या फिंगरप्रिंट न मिलने पर
19 अगस्त 2026 को एक विशेष SOP जारी हुई थी। यह बुज़ुर्ग किसानों, मृत किसानों और उन लोगों के लिए है जिनका फिंगरप्रिंट मेल नहीं खाता। मृत किसान के कानूनी वारिस लाभ का दावा कर सकते हैं। इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र और वारिस प्रमाणपत्र लेकर बैंक जाएं। फिंगरप्रिंट की समस्या हो तो वैकल्पिक तरीके से प्रमाणीकरण के बारे में पूछें।
नाम किसी सूची में नहीं है तो शिकायत कहां करें
- तालुका समिति: तहसीलदार की अध्यक्षता वाली समिति पहली जगह है।
- सहायक निबंधक (Asst. Registrar) कार्यालय: सहकारी बैंक या सोसायटी से जुड़े मामलों के लिए।
- ज़िला DDR शिकायत कक्ष: तालुका स्तर पर हल न हो तो यहां जाएं।
शिकायत के साथ कर्ज खाते का विवरण, आधार, 7/12 उतारा और बैंक स्टेटमेंट जमा करें। शिकायतों का निपटारा हो रहा है। नांदेड़ में 1,840 में से 1,666 शिकायतें सुलझ चुकी हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सूचियां चरणों में आती रहेंगी, इसलिए कई किसानों का नाम आगे की सूची में आ सकता है। पांचवीं सूची की घोषणा अभी नहीं हुई है। अगस्त में सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा था कि कर्जमाफी के लिए कोई समय-सीमा नहीं है (ETV Bharat)।
महिला किसान अपने नाम से कृषि दस्तावेज़ बनवाना चाहें तो महाराष्ट्र महिला शेतकरी प्रमाणपत्र की पूरी प्रक्रिया देख सकती हैं।
नियमित कर्ज चुकाने वालों को ₹50,000 कब मिलेगा
जो किसान समय पर कर्ज चुकाते रहे, उन्हें योजना में ₹50,000 तक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। इसकी सूची अक्टूबर 2026 तक नहीं आई थी, और सरकार ने इसकी तारीख अभी नहीं बताई है। अपनी बैंक शाखा से पूछते रहें कि आपका खाता इस सूची के लिए भेजा गया है या नहीं।
कर्जमाफी और PM Kisan योजना: क्या संबंध है
कई लोग कर्जमाफी और pm kisan yojana को साथ में खोज रहे हैं, पर ये दोनों अलग योजनाएं हैं। कर्जमाफी महाराष्ट्र सरकार की योजना है जो बैंक कर्ज माफ करती है। PM-KISAN केंद्र सरकार की योजना है जिसमें हर साल ₹6,000 तीन किस्तों में (₹2,000 × 3) आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT से आते हैं। एक का लाभ लेने से दूसरे पर कोई असर नहीं पड़ता। दोनों में आधार और e-KYC ज़रूरी है।
| बिंदु | महाराष्ट्र कर्जमाफी 2026 | PM-KISAN |
|---|---|---|
| किसकी योजना | राज्य सरकार | केंद्र सरकार |
| लाभ | ₹2 लाख तक फसल कर्ज माफ | ₹6,000 सालाना |
| पैसा कहां जाता है | सीधे कर्ज खाते में | किसान के बैंक खाते में |
| ज़रूरी कदम | आधार प्रमाणीकरण | e-KYC |
PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी
23 अक्टूबर 2026 को PM-Kisan के आधिकारिक @pmkisanofficial X अकाउंट ने बताया कि 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी होगी। इसमें हर किसान को ₹2,000 मिलेंगे। इस पर PIB की प्रेस विज्ञप्ति अभी तक नहीं आई है। किस्त के लिए e-KYC और आधार से जुड़ा, DBT-सक्षम बैंक खाता ज़रूरी है। 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को और 23वीं किस्त 20 जून 2026 को आई थी। 23वीं किस्त में 9.44 करोड़ से ज़्यादा किसानों को ₹18,880 करोड़ मिले। ज़्यादा जानकारी के लिए PM Kisan 24वीं किस्त की तारीख वाला हमारा लेख देखें।
e-KYC के तीन तरीके हैं: pmkisan.gov.in पर OTP से, CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक से, या PM-KISAN ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से। स्टेटस देखने के लिए pmkisan.gov.in के होमपेज पर "Know Your Status" पर जाएं। मदद के लिए हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर कॉल करें।
सूखे वाले तालुकों के किसानों के लिए
सितंबर 2026 में राज्य सरकार ने 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया। इन इलाकों में कर्ज का पुनर्गठन और वसूली पर रोक लागू है। TV9 मराठी ने 23 अक्टूबर 2026 को बताया कि सूखा घोषित होने के साथ ₹5,000 की तत्काल सहायता की घोषणा भी हुई है। अगर आपका तालुका इस सूची में है और बैंक वसूली के लिए दबाव डाल रहा है, तो लिखित में यह आदेश दिखाने को कहें और तहसील कार्यालय में संपर्क करें।
किसान अभी क्या करें
- चारों सूचियों में अपना नाम देखें। कर्ज कई बैंकों में है तो 22 अक्टूबर की चौथी सूची ज़रूर देखें।
- नाम है तो आधार प्रमाणीकरण तुरंत करवा लें। AgriStack पंजीकरण के बारे में बैंक से पूछ लें।
- ₹2 लाख से ज़्यादा बकाया है तो OTS की रकम और तारीख बैंक से लिखित में पक्की करें।
- नाम नहीं है तो तालुका समिति में लिखित शिकायत दें और उसकी पावती रखें।
- PM Kisan का e-KYC 30 अक्टूबर 2026 से पहले पूरा कर लें, ताकि 24वीं किस्त न अटके।
सरकारी योजनाओं, पैसे और नियमों से जुड़ी ऐसी और जानकारी के लिए KyunTrend का होमपेज देखते रहें।
स्रोत
- PM-Kisan (आधिकारिक X अकाउंट)
- PM-Kisan पोर्टल
- Agrowon: चौथी सूची
- TV9 मराठी: चौथी सूची और सूखा सहायता
- पुढारी: मराठवाड़ा 47,547
- ETV Bharat: कोई समय-सीमा नहीं
- सरकारनामा: PM-Kisan 30 अक्टूबर
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