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NPS का नया यूनिफाइड पोर्टल 'NPS Central' लॉन्च: अब एक ही जगह पेंशन अकाउंट कैसे संभालें, और क्या-क्या बदला

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सभी सब्सक्राइबर अब NPS Central पर मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और OTP डालकर लॉगिन कर सकते हैं, PRAN की जरूरत नहीं। इस गाइड में लॉगिन के स्टेप हैं, 1 अक्टूबर से लगे नए चार्ज हैं, 80% निकासी का नियम है और पुराने सब्सक्राइबर्स के लिए एक चेकलिस्ट भी है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सब्सक्राइबर अब NPS Central नाम के एक ही पोर्टल पर अपना खाता खोल सकते हैं, उसमें निवेश कर सकते हैं और उसे मैनेज भी कर सकते हैं। आपका रिकॉर्ड Protean, KFintech या CAMS में से किसी के भी पास हो, पोर्टल वही रहेगा। लॉगिन के लिए PRAN नंबर नहीं चाहिए। मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और OTP काफी हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म 1 अक्टूबर 2026 (NPS दिवस) को लाइव हुआ था। PFRDA ने 19–20 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक घोषणा की, और तभी से "राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली" सर्च में ट्रेंड कर रहा है।

इस गाइड में चार बातें हैं: नया पोर्टल क्या है, उसमें लॉगिन कैसे करें, 1 अक्टूबर से कौन-से नए चार्ज लगे हैं, और पुराने सब्सक्राइबर्स को अभी क्या-क्या चेक कर लेना चाहिए। साथ में निकासी के नियमों की अपडेटेड टेबल भी है, क्योंकि कई हिंदी वेबसाइट्स पर अब भी पुराना 60/40 नियम ही लिखा है।

NPS Central क्या है और इससे क्या बदला

अब तक NPS खाता किस पोर्टल पर मैनेज होगा, यह इस पर निर्भर करता था कि आपकी सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) कौन है: Protean, KFintech या CAMS। कई लोगों को अपनी CRA का नाम ही नहीं पता होता था। ऊपर से लॉगिन के लिए PRAN और पासवर्ड याद रखने पड़ते थे।

NPS Central ने यह झंझट खत्म कर दिया है। अब तीनों CRA के सब्सक्राइबर एक ही पोर्टल इस्तेमाल करेंगे। इस पर मिलने वाली सुविधाएँ:

  • एक जगह सब कुछ: नया खाता खोलना, योगदान (कॉन्ट्रिब्यूशन) करना और मौजूदा खाता मैनेज करना।
  • बिना PRAN लॉगिन: मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और OTP से।
  • AI वाली मदद: खाता खोलने में AI-असिस्टेड ऑनबोर्डिंग और सवालों के लिए AI हेल्प असिस्टेंट।
  • आसान KYC: CKYC या DigiLocker से।
  • NPS Swasthya रजिस्ट्रेशन: इसकी गाइडलाइंस 18 सितंबर 2026 को आई थीं, और अब रजिस्ट्रेशन भी इसी पोर्टल पर होता है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के नए पोर्टल पर लॉगिन कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप

लॉगिन का तरीका आसान है, लेकिन पहली बार लॉगिन करने से पहले ये स्टेप ध्यान से पढ़ लें। स्क्रीन पर दिखने वाले बटन या शब्द थोड़े अलग हो सकते हैं, पर तरीका यही रहेगा।

  1. सही वेबसाइट खोलें: NPS Central तक सिर्फ़ PFRDA (pfrda.org.in) या अपनी CRA की आधिकारिक वेबसाइट से ही जाएँ। SMS, WhatsApp या सर्च विज्ञापन में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें।
  2. मोबाइल नंबर डालें: वही नंबर डालें जो आपके NPS खाते में रजिस्टर्ड है। अगर नंबर बदल गया है तो OTP नहीं आएगा (नीचे चेकलिस्ट देखें)।
  3. जन्मतिथि भरें: यह आपके NPS रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि से मेल खानी चाहिए।
  4. OTP डालें: रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP भरें और आगे बढ़ें।
  5. डैशबोर्ड चेक करें: लॉगिन के बाद अपना खाता, कुल जमा राशि (कॉर्पस), योजना और नॉमिनी की जानकारी देख लें।
  6. नए सब्सक्राइबर: अगर खाता नहीं है तो ऑनबोर्डिंग विकल्प चुनें और CKYC या DigiLocker से KYC पूरी करें। पहला योगदान कम से कम ₹250 होना चाहिए। उसके बाद ₹10 से भी योगदान कर सकते हैं।
सावधानी: PFRDA, CRA या कोई भी बैंक कर्मचारी फ़ोन पर आपका OTP नहीं माँगता। अगर किसी ने OTP लेकर ठगी कर ली है, तो तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

अभी कौन-सी सुविधाएँ NPS Central पर नहीं हैं

PFRDA ने साफ़ कहा है कि ये सुविधाएँ अभी नहीं हैं और बाद में धीरे-धीरे जोड़ी जाएँगी:

  • SIP मैंडेट (हर महीने अपने-आप कटने वाला योगदान)
  • NPS पर लोन
  • NPS Vatsalya (बच्चों का खाता)
  • कॉर्पोरेट ऑनबोर्डिंग

यानी अगर आपकी SIP या ऑटो-डेबिट पहले से आपकी CRA या बैंक के ज़रिए चल रही है, तो उसे अभी बंद न करें।

1 अक्टूबर 2026 से NPS के नए चार्ज: आपकी जेब पर कितना असर

NPS Central के साथ-साथ 1 अक्टूबर से Point of Presence (PoP), यानी बैंक या एजेंट के ज़रिए खाते पर नए चार्ज भी लागू हुए हैं। ये PFRDA के 28 अगस्त 2026 के सर्कुलर पर आधारित हैं। अपने खाते पर इन्हें लागू मानने से पहले pfrda.org.in पर सर्कुलर एक बार ज़रूर देख लें।

चार्जकितनाकैसे कटेगा
ऑनबोर्डिंग फ़ीस (नया खाता, ब्रांच/एजेंट से)₹200 (एक बार)₹50 हर तिमाही, 4 तिमाहियों तक
ऑनबोर्डिंग फ़ीस (डिजिटल)₹100 (एक बार)किस्तों में
सालाना PoP चार्जकॉर्पस का 0.20%NAV के ज़रिए
डॉर्मेंट खाता (लगातार 4 तिमाही कोई योगदान नहीं)छूट—

उदाहरण: 0.20% के हिसाब से ₹5 लाख के कॉर्पस पर सालाना करीब ₹1,000 और ₹50 लाख पर करीब ₹10,000 कटेंगे। यह रकम अलग से नहीं कटती, NAV में ही एडजस्ट हो जाती है। इसलिए स्टेटमेंट पर ध्यान से नज़र रखें।

एक उलझन: PFRDA के मुताबिक NPS Central पर ऑनबोर्डिंग "nil, subject to terms" है, जबकि ऊपर डिजिटल ऑनबोर्डिंग की फ़ीस ₹100 बताई गई है। हो सकता है कि "nil" का मतलब NPS Central पर सीधे साइन-अप हो, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं मिली है। खाता खोलते समय फ़ीस वाली स्क्रीन ध्यान से पढ़ें।

पुराने NPS सब्सक्राइबर अभी ये 7 चीज़ें चेक करें

  1. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर: NPS Central का पूरा लॉगिन OTP पर चलता है। अगर पुराना नंबर बंद हो गया है तो पहले अपनी CRA या PoP के ज़रिए नंबर अपडेट कराएँ।
  2. जन्मतिथि: रिकॉर्ड में गलत जन्मतिथि है तो लॉगिन नहीं होगा। इसे KYC डॉक्यूमेंट के हिसाब से ठीक कराएँ।
  3. KYC स्टेटस: CKYC या DigiLocker से लिंकिंग पूरी है या नहीं, यह देख लें।
  4. नॉमिनी: नॉमिनी का नाम और हिस्सा सही है, यह कन्फ़र्म करें। मौत या विकलांगता के मामलों में यही सबसे ज़्यादा काम आता है।
  5. चार्ज: अपने स्टेटमेंट में PoP चार्ज और CRA चार्ज देखें। 1 जुलाई 2026 के स्पष्टीकरण के मुताबिक, Tier II में बैलेंस ₹1,000 या उससे कम है तो उस पर मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगता।
  6. योगदान का समय: 4 अगस्त 2026 से उसी दिन निवेश (same-day investment) का कट-ऑफ सुबह 11 बजे से बढ़कर दोपहर 1:30 बजे हो गया है।
  7. डॉर्मेंट स्टेटस: अगर आपने 4 तिमाही से योगदान नहीं किया है, तो खाता डॉर्मेंट माना जा सकता है। इसका असर चार्ज और लॉगिन दोनों पर देख लें।

60 की उम्र पर NPS से कितना निकाल सकते हैं: 60% या 80%?

ज़्यादातर कन्फ़्यूज़न इसी सवाल पर है। दिसंबर 2025 में नियम बदले गए थे, और गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए अब नियम ये हैं:

कुल कॉर्पसएकमुश्त निकासीबाकी रकम
₹8 लाख तक100% निकाल सकते हैं—
₹8–12 लाखअधिकतम ₹6 लाखएन्युटी या कम से कम 6 साल में किस्तों में निकासी
₹12 लाख से ज़्यादाअधिकतम 80% (पहले 60%)कम से कम 20% एन्युटी में

सरकारी कर्मचारियों के लिए 60/40 का पुराना नियम ही लागू है। ध्यान रहे, बढ़ी हुई 20% एकमुश्त रकम पर टैक्स कैसे लगेगा, यह अभी साफ़ नहीं है। 60 के बाद आप एग्ज़िट को 75 साल तक टाल भी सकते हैं, या पैसा किस्तों में ले सकते हैं। 60 से पहले आंशिक निकासी (partial withdrawal) की सीमा और उनके बीच के अंतर को लेकर अलग-अलग जगह अलग-अलग जानकारी है, इसलिए इसे PFRDA के आधिकारिक एग्ज़िट पेज पर ही कन्फ़र्म करें।

मई 2026 से गंभीर बीमारी (critical illness) के मामलों में एन्युटी सरेंडर करने की छूट भी है। साथ ही Retirement Income Schemes और ड्रॉडाउन विकल्प भी शुरू किए गए हैं।

क्या सभी NPS कर्मचारी OPS में जा रहे हैं? नहीं

19 अक्टूबर 2026 को Central Pension Accounting Office (CPAO) ने NPS से OPS माइग्रेशन पर एक संशोधित ऑफ़िस मेमो जारी किया (No. CPAO/IT&Tech/NPS to OPS/22 Vol-V/2026-27/12612/124)। इसने 17 सितंबर 2025 के आदेश की जगह ली है। कुछ हेडलाइंस से ऐसा लगा कि अब सबको पुरानी पेंशन मिलेगी, जो सही नहीं है।

सच यह है: यह मेमो सिर्फ़ NPS के उन पुराने मामलों के लिए है जिनमें सरकारी कर्मचारी की मौत हो गई हो या वह विकलांग हो गया हो। आम NPS सब्सक्राइबर्स पर इसका कोई असर नहीं है। सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी से जुड़े दूसरे अपडेट हमारी DA बढ़ोतरी और एरियर वाली रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

UPS का क्या हुआ?

NPS से Unified Pension Scheme (UPS) में जाने की विंडो 2025 में बंद हो गई थी। ज़्यादातर सूत्र आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 बताते हैं। जुलाई 2026 तक करीब 1.18 लाख लोगों ने UPS चुना था। UPS चुनने वालों के पास NPS में वापस आने का एक बार का विकल्प है।

गिग वर्कर्स के लिए NPS: क्या प्लान है

PFRDA चेयरमैन एस. रमन ने 19 अक्टूबर को बताया कि e-Shram पर रजिस्टर्ड गिग वर्कर्स के NPS खाते उनकी सहमति से खोलने की योजना है। 11 सितंबर 2026 तक e-Shram पर 31.95 करोड़ लोग रजिस्टर्ड थे। ये खाते NPS Tatkal से खुलेंगे, जो UPI ऐप से पेमेंट करके तुरंत खाता खोलने का तरीका है, और डिफ़ॉल्ट निवेश NPS Sanchay पैटर्न में होगा। यह अभी सिर्फ़ योजना है, इसकी लॉन्च तारीख तय नहीं हुई है।

डिलीवरी पार्टनर या प्लेटफ़ॉर्म वर्कर अभी भी NPS e-Shramik स्कीम (29 अक्टूबर 2025 से लाइव) में ₹99 से शुरुआत कर सकते हैं।

NPS टैक्स छूट: FY 2026-27 में क्या मिलेगा

  • 80CCD(1B): ₹50,000 की अतिरिक्त छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है।
  • 80CCD(2), यानी नियोक्ता का योगदान: नई व्यवस्था में बेसिक + DA का 14% तक। पुरानी व्यवस्था में प्राइवेट कर्मचारियों के लिए 10% तक।
  • कुल सीमा: EPF, NPS और सुपरएनुएशन में नियोक्ता का कुल योगदान सालाना ₹7.5 लाख तक ही टैक्स-फ्री है।

एक सूत्र के मुताबिक नए Income-tax Act, 2025 में इन धाराओं को Section 124 में रखा गया है। रिटर्न भरते समय नई धारा संख्या अपने CA या टैक्स पोर्टल से कन्फ़र्म कर लें। प्राइवेट कर्मचारी नियोक्ता के योगदान का असर अपनी EPF वेज सीलिंग ₹25,000 और पे-स्लिप वाली गाइड के साथ मिलाकर समझ सकते हैं।

2026 में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के बड़े बदलाव: टाइमलाइन

  • 23 फ़रवरी: NPS Vatsalya गाइडलाइंस
  • 6 मार्च: फ़ंड मैनेजमेंट फ़ीस में बदलाव, सरकारी और गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए अलग स्लैब (1 अप्रैल से लागू)
  • 1 अप्रैल: मल्टीपल NAV फ़्रेमवर्क शुरू
  • 6 मई: असंगठित क्षेत्र के लिए NPS Sanchay लॉन्च
  • 14–15 मई: गंभीर बीमारी में एन्युटी सरेंडर, Retirement Income Schemes और ड्रॉडाउन विकल्प
  • 3 जून: StAR NPS ऑनबोर्डिंग प्लेटफ़ॉर्म
  • 1 जुलाई: CRA चार्ज पर स्पष्टीकरण
  • 4 अगस्त: same-day investment कट-ऑफ दोपहर 1:30 बजे
  • 28 अगस्त: नया स्कीम क्लासिफ़िकेशन और PoP चार्ज
  • 18 सितंबर: NPS Swasthya गाइडलाइंस
  • 1 अक्टूबर: NPS Central लाइव, नए चार्ज लागू
  • 19 अक्टूबर: CPAO का संशोधित NPS-to-OPS मेमो

PFRDA ने गारंटीड रिटर्न वाले प्रोडक्ट पर विचार के लिए एक विशेषज्ञ समिति भी बनाई है। फ़िलहाल NPS और APY मिलाकर 9 करोड़ से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं और इनमें ₹16 लाख करोड़ से ज़्यादा जमा हैं।

आगे क्या करें

आज ही एक बार NPS Central पर लॉगिन करके देखें। अगर OTP नहीं आता या जन्मतिथि मेल नहीं खाती, तो इसे अभी ठीक करा लें, ताकि ज़रूरत के वक्त अटकना न पड़े। फिर अपना नॉमिनी और चार्ज चेक करें। निकासी की प्लानिंग नए 80/20 नियम (या सरकारी कर्मचारी हैं तो 60/40) के हिसाब से करें। पैसे और नियमों से जुड़े ऐसे ही आसान अपडेट के लिए KyunTrend पढ़ते रहें।

Frequently asked questions

NPS Central पर बिना PRAN के लॉगिन कैसे करें?

NPS Central पर लॉगिन के लिए PRAN नहीं चाहिए। NPS खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और अपनी जन्मतिथि डालें, फिर मोबाइल पर आया OTP भरें। पोर्टल तक सिर्फ़ PFRDA या अपनी CRA की आधिकारिक वेबसाइट से जाएँ। अगर नंबर बदल गया है तो पहले CRA या PoP के ज़रिए उसे अपडेट कराएँ, नहीं तो OTP नहीं आएगा।

क्या सभी NPS कर्मचारी अब पुरानी पेंशन (OPS) में चले जाएँगे?

नहीं। CPAO का 19 अक्टूबर 2026 का संशोधित मेमो सिर्फ़ NPS के उन पुराने मामलों के लिए है जिनमें सरकारी कर्मचारी की मौत हो गई हो या वह विकलांग हो गया हो। इसने 17 सितंबर 2025 के आदेश की जगह ली है। आम NPS सब्सक्राइबर्स पर इसका कोई असर नहीं है और वे NPS में ही रहेंगे।

1 अक्टूबर 2026 से NPS पर कौन-से नए चार्ज लगे हैं?

नए खाते पर एक बार की ऑनबोर्डिंग फ़ीस लगती है: ब्रांच या एजेंट से ₹200 और डिजिटल तरीके से ₹100। यह ₹50 प्रति तिमाही की किस्तों में कटती है। इसके अलावा कॉर्पस का 0.20% सालाना PoP चार्ज NAV के ज़रिए कटता है, जैसे ₹5 लाख पर करीब ₹1,000। लगातार 4 तिमाही से बिना योगदान वाले डॉर्मेंट खातों को छूट है।

60 साल पर NPS से कितना पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं?

गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए: ₹8 लाख तक का पूरा कॉर्पस निकाल सकते हैं। ₹8–12 लाख पर अधिकतम ₹6 लाख एकमुश्त मिलेंगे। ₹12 लाख से ज़्यादा पर 80% तक एकमुश्त निकाल सकते हैं और कम से कम 20% एन्युटी में जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए 60/40 का पुराना नियम ही लागू है।

NPS खाता खोलने के लिए कम से कम कितना पैसा चाहिए?

NPS में पहला योगदान कम से कम ₹250 का होना चाहिए। उसके बाद ₹10 से भी योगदान कर सकते हैं। 18 से 70 साल का कोई भी व्यक्ति खाता खोल सकता है। गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर NPS e-Shramik स्कीम में ₹99 से शुरुआत कर सकते हैं। KYC के लिए CKYC या DigiLocker का इस्तेमाल होता है।

नई टैक्स व्यवस्था में NPS पर कौन-सी छूट मिलती है?

नई टैक्स व्यवस्था में सिर्फ़ 80CCD(2) की छूट मिलती है, यानी बेसिक + DA के 14% तक नियोक्ता का योगदान। ₹50,000 की अतिरिक्त 80CCD(1B) छूट केवल पुरानी व्यवस्था में मिलती है। EPF, NPS और सुपरएनुएशन में नियोक्ता का कुल योगदान सालाना ₹7.5 लाख तक ही टैक्स-फ्री है।