बोनस शेयर वे अतिरिक्त शेयर हैं जो कंपनी अपने जमा मुनाफ़े, यानी रिज़र्व, से मौजूदा शेयरधारकों को मुफ़्त देती है। रेश्यो 1:4 हो तो हर 4 शेयर पर 1 बोनस शेयर मिलता है, यानी 100 शेयर 125 हो जाते हैं। पर शेयर का भाव भी उसी अनुपात में नीचे आ जाता है, इसलिए यह "फ़्री पैसा" नहीं है।
25 अक्टूबर 2026 को "बोनस शेयर" सर्च अचानक बढ़ गया। इसके पीछे कोई एक बड़ी खबर नहीं दिखी। सबसे संभावित वजह कुछ छोटी खबरों का एक साथ आना है: Titan Biotech के 1:4 बोनस की अलॉटमेंट सोमवार को है, Utsav CZ Gold Jewels ने 1:1 बोनस मंज़ूर किया है और अक्टूबर में कई कंपनियों की बोनस रिकॉर्ड डेट पड़ी। इस गाइड में हम पूरा तरीका समझाएँगे। हम कोई स्टॉक टिप नहीं दे रहे।
बोनस शेयर क्या है और कंपनी इसे क्यों देती है?
कंपनी अपने रिज़र्व का एक हिस्सा शेयर कैपिटल में बदल देती है। इसे "कैपिटलाइज़ेशन ऑफ़ रिज़र्व" कहते हैं। इससे कंपनी के पास कोई नया पैसा नहीं आता और आपकी जेब से भी कुछ नहीं जाता। बस शेयरों की गिनती बढ़ जाती है।
उदाहरण के लिए, LIC ने लिस्टिंग के बाद अपना पहला 1:1 बोनस दिया था। इसके लिए ₹6,325 करोड़ का रिज़र्व कैपिटलाइज़ किया गया। रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 थी और डीम्ड अलॉटमेंट 1 जून 2026 को हुआ (businesstoday.in की 27 मई 2026 की रिपोर्ट)।
कंपनियाँ बोनस आम तौर पर इन वजहों से देती हैं:
- शेयर का भाव कम करके उसे छोटे निवेशकों की पहुँच में लाना, ताकि शेयर में लिक्विडिटी बढ़े
- बड़े रिज़र्व को शेयर कैपिटल में बदलना
- शेयरधारकों को यह संकेत देना कि कंपनी की बैलेंस शीट मज़बूत है
1:1, 1:4, 10:1: बोनस रेश्यो का मतलब
भारत में बोनस रेश्यो आम तौर पर "बोनस : मौजूदा" के क्रम में लिखा जाता है। पहली संख्या बताती है कि कितने बोनस शेयर मिलेंगे और दूसरी बताती है कि कितने शेयरों पर।
- 1:1: हर 1 शेयर पर 1 बोनस शेयर। 100 शेयर 200 हो जाते हैं।
- 1:4: हर 4 शेयर पर 1 बोनस शेयर। 100 शेयर 125 हो जाते हैं (Titan Biotech का यही रेश्यो है)।
- 10:1: हर 1 शेयर पर 10 बोनस शेयर। 10 शेयर 110 हो जाते हैं (P H Capital का अक्टूबर इश्यू)।
मीडिया रिपोर्ट्स कभी-कभी यह क्रम उलट लिख देती हैं, इसलिए कंपनी की अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में शब्द ज़रूर पढ़ें। वहाँ साफ़ लिखा होता है, जैसे "1 bonus share for every 4 shares held"।
बोनस शेयर कैलकुलेटर: फ़ॉर्मूला और उदाहरण
अपना हिसाब आप दो फ़ॉर्मूलों से खुद लगा सकते हैं:
- मिलने वाले बोनस शेयर = आपके शेयर × (बोनस संख्या ÷ आधार संख्या)। यहाँ पूरी संख्या ही गिनी जाती है।
- बोनस के बाद अनुमानित भाव = पुराना भाव × पुराने शेयर ÷ (पुराने शेयर + बोनस शेयर)
| रेश्यो | आपके शेयर | बोनस शेयर | कुल शेयर | ₹500 का भाव लगभग कितना होगा* |
|---|---|---|---|---|
| 1:1 | 100 | 100 | 200 | ₹250 |
| 1:4 | 100 | 25 | 125 | ₹400 |
| 1:4 | 50 | 12 (+0.5 फ़्रैक्शन) | 62 | ₹400 |
| 10:1 | 10 | 100 | 110 | ₹45.45 |
*₹500 सिर्फ़ उदाहरण के लिए लिया गया भाव है। एक्स-डेट पर असली भाव बाज़ार की मांग और सप्लाई से तय होता है। आधे या अधूरे शेयर (फ़्रैक्शन) का क्या होगा, यह कंपनी अपनी घोषणा में बताती है।
ध्यान दें: बोनस से पहले 100 × ₹500 = ₹50,000 और बोनस के बाद 125 × ₹400 = ₹50,000। यानी वैल्यू वही रहती है।
बोनस शेयर रिकॉर्ड डेट बनाम एक्स-डेट: आख़िरी दिन कब खरीदें?
रिकॉर्ड डेट वह तारीख है जिस दिन कंपनी देखती है कि उसके रजिस्टर में कौन-कौन शेयरधारक हैं। एक्स-डेट वह दिन है जिससे शेयर "बोनस के बिना" ट्रेड होने लगता है और भाव एडजस्ट हो जाता है।
भारत में T+1 सेटलमेंट है, यानी आज खरीदा शेयर अगले ट्रेडिंग दिन आपके डीमैट में आता है। इसलिए:
- एक्स-डेट अब आम तौर पर रिकॉर्ड डेट वाले दिन ही पड़ती है।
- बोनस पाने के लिए रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग दिन पहले शेयर खरीदना ज़रूरी है।
- रिकॉर्ड डेट वाले दिन खरीदे गए शेयर पर बोनस नहीं मिलता।
बीच में छुट्टी हो तो गिनती बदल जाती है। बाज़ार की छुट्टियों की लिस्ट हमारे मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 वाले लेख में देखें।
डीमैट में बोनस शेयर कब आते हैं? SEBI का T+2 नियम
SEBI ने 16 सितंबर 2024 को सर्कुलर CIR/CFD/PoD/2024/122 जारी किया था। यह 1 अक्टूबर 2024 या उसके बाद घोषित सभी बोनस इश्यू पर लागू है। इसके मुख्य नियम:
- T (रिकॉर्ड डेट): शेयरधारकों की लिस्ट तय होती है।
- T+1: बोनस शेयरों का डीम्ड अलॉटमेंट होता है।
- T+2: बोनस शेयर स्थायी ISIN में आ जाते हैं और इनमें ट्रेडिंग शुरू हो जाती है। अब अलग से कोई अस्थायी ISIN नहीं बनता।
बोर्ड मीटिंग के 5 वर्किंग डे के अंदर कंपनी को एक्सचेंज से इन-प्रिंसिपल मंज़ूरी के लिए आवेदन करना होता है।
Titan Biotech की असली तारीखों पर यह नियम
| चरण | तारीख |
|---|---|
| बोनस के लिए खरीदने का आख़िरी दिन | गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 |
| रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट (T) | शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 |
| डीम्ड अलॉटमेंट (T+1, शनिवार-रविवार छोड़कर) | सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 |
| बोनस शेयरों में ट्रेडिंग (T+2) | मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 |
ये तारीखें Business Standard Hindi और एक दूसरे आउटलेट की BSE फाइलिंग वाली रिपोर्ट्स में एक जैसी हैं। Money9Live के मुताबिक़ यह शेयर 16 अक्टूबर को ₹406.90 पर बंद हुआ था और कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1,681 करोड़ है। ये आँकड़े एक ही स्रोत से हैं।
अगर अलॉटमेंट के बाद भी शेयर न दिखें, तो अपने ब्रोकर ऐप की होल्डिंग और CDSL या NSDL का स्टेटमेंट चेक करें। बोनस से जुड़े कॉल या SMS पर OTP कभी न बताएँ, क्योंकि बोनस के लिए कोई प्रोसेस नहीं करना होता। ऐसी धोखाधड़ी हो तो हमारी साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 गाइड देखें।
अक्टूबर-नवंबर 2026: बोनस शेयर लिस्ट
25 अक्टूबर 2026 तक हमें 26 से 30 अक्टूबर के बीच कोई बोनस रिकॉर्ड डेट नहीं मिली। नवंबर की कोई पक्की तारीख भी अभी सामने नहीं आई है। यह स्थिति तेज़ी से बदलती है, इसलिए नीचे की लिस्ट को शुरुआती जानकारी मानें और खरीदने से पहले एक्सचेंज पर पुष्टि करें।
| कंपनी | रेश्यो | रिकॉर्ड डेट | स्थिति |
|---|---|---|---|
| Utsav CZ Gold Jewels (NSE) | 1:1 | अभी तय नहीं | 24 अक्टूबर को फाइल हुआ। 2,49,98,000 बोनस शेयर (₹10 फ़ेस वैल्यू) जारी होंगे और ज़रूरी मंज़ूरियाँ बाकी हैं |
| Mold-Tek Packaging | 1:1 | हमें पुष्टि नहीं मिली | करीब 12 अक्टूबर को बोर्ड ने 3.32 करोड़ शेयर का बोनस मंज़ूर किया |
| Titan Biotech (BSE) | 1:4 | 23 अक्टूबर 2026 | अलॉटमेंट 26 अक्टूबर, ट्रेडिंग 27 अक्टूबर से |
| JOJO Ltd | 1:1 | 12 अक्टूबर 2026 | पूरा हो चुका |
| Mold-Tek Technologies | 1:1 | 9 अक्टूबर 2026 | पूरा हो चुका |
| P H Capital | 10:1 | 7 अक्टूबर 2026 | पूरा हो चुका |
ताज़ा लिस्ट के लिए BSE Corporate Actions (Purpose: Bonus) और NSE Corporate Actions देखें। दोनों पेज कभी-कभी धीरे खुलते हैं, इसलिए डेस्कटॉप ब्राउज़र बेहतर रहेगा।
बोनस बनाम स्टॉक स्प्लिट बनाम डिविडेंड
| बोनस | स्टॉक स्प्लिट | डिविडेंड | |
|---|---|---|---|
| आपको क्या मिलता है | अतिरिक्त शेयर | अतिरिक्त शेयर | नकद पैसा |
| फ़ेस वैल्यू | नहीं बदलती | घट जाती है | नहीं बदलती |
| कंपनी का रिज़र्व | शेयर कैपिटल में बदल जाता है | कोई असर नहीं | घट जाता है |
| मिलते समय टैक्स | नहीं | नहीं | हाँ, आपके स्लैब के हिसाब से |
स्प्लिट का एक ताज़ा उदाहरण हमारे Angel One स्टॉक स्प्लिट रिकॉर्ड डेट वाले लेख में है।
बोनस शेयर पर टैक्स कैसे लगता है?
- मिलने पर: कोई टैक्स नहीं लगता। टैक्स सिर्फ़ बेचने पर बनता है।
- लागत: बोनस शेयरों की लागत आम तौर पर ₹0 मानी जाती है, इसलिए बेचने पर पूरी रकम गेन गिनी जाती है। मूल शेयरों की लागत वही रहती है जो आपने चुकाई थी। 2018 से पहले मिले बोनस पर ग्रैंडफ़ादरिंग का नियम लागू होता है।
- होल्डिंग पीरियड: इसकी गिनती अलॉटमेंट की तारीख से होती है, मूल शेयर खरीदने की तारीख से नहीं।
- रेट: 23 जुलाई 2024 से लिस्टेड इक्विटी पर STCG 20% है। LTCG 12.5% है, जो सालाना ₹1.25 लाख से ऊपर के गेन पर लगता है। LTCG पर ताज़ा चर्चा के लिए हमारी LTCG रिपोर्ट देखें।
बोनस स्ट्रिपिंग का जाल
मान लीजिए आपने रिकॉर्ड डेट से 3 महीने के अंदर शेयर खरीदे और रिकॉर्ड डेट के 9 महीने के अंदर मूल शेयर घाटे में बेच दिए। ऐसे में यह घाटा टैक्स में मान्य नहीं होगा। यह नियम पुराने आयकर अधिनियम की धारा 94(8) में था। Finance Act 2022 ने इसे म्यूचुअल फ़ंड यूनिट से बढ़ाकर शेयरों पर भी लागू किया, जो 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी है (ClearTax)।
नया आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू है और इसमें धाराओं के नंबर बदल गए हैं। रिटर्न भरने से पहले मौजूदा नियम incometax.gov.in पर या अपने CA से ज़रूर पक्के कर लें। यह टैक्स सलाह नहीं है।
बोनस शेयर से जुड़े भ्रम
- भ्रम: बोनस मतलब मुफ़्त मुनाफ़ा। सच: एक्स-डेट पर भाव एडजस्ट हो जाता है और कुल वैल्यू लगभग वही रहती है।
- भ्रम: बोनस के बाद भाव "गिर गया"। सच: यह गिरावट नहीं, अनुपात के हिसाब से होने वाला एडजस्टमेंट है। चार्ट पर भी पुराने भाव एडजस्ट दिखते हैं।
- भ्रम: बोनस के लिए फ़ॉर्म भरना पड़ता है। सच: शेयर अपने आप क्रेडिट होते हैं। कोई लिंक या फ़ीस माँगे तो वह धोखा है।
सिर्फ़ बोनस की खबर देखकर शेयर खरीदना जोखिम भरा है। कंपनी के कारोबार, कर्ज़ और वैल्यूएशन को अलग से परखें। बाज़ार के मौजूदा माहौल के लिए KyunTrend पर हमारी मार्केट कवरेज देखें।
स्रोत
SEBI सर्कुलर CIR/CFD/PoD/2024/122, SEBI की कॉर्पोरेट एक्शन पर निवेशक सामग्री, BSE और NSE के कॉर्पोरेट एक्शन पेज, आयकर विभाग, Business Standard Hindi, Money9Live, businesstoday.in और ClearTax।
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